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UricgON

UricgON

Available in
30 T60 T250 gms

288

Unicgon helps to reduce Uric acid and hence reduces swelling & pain mainly in small joints

Uricgon is mainly indicated in Gout.

Uricgon helps to reduce Uric Acid and hence reduces swelling & pain mainly in small joints.

While using UricGon Patient should avoid High Protein Diet, spicy food & smoking.

Dose: 1 Tablet 3 times with warm water after meal or as directed by Physician.

Uricgon

 

द्रव्य

रस

वीर्य

विपाक

गुण

कर्म

1

मुस्ता

कटु,तिक्त, कषाय

शीत

कटु

लघु,रूक्ष

दिपन, त्वग्दोषहर, रक्तप्रसादन मलपाचन, रक्ताग्निवर्धक,

2

गुडूची

तिक्त, कषाय

उष्ण

मधुर

लघु,स्निग्ध

दिपन, पाचन, अनुलोमन, वातरक्त, रक्तशोधक, रक्तवर्धक, तिक्त बल्य, रसायन

3

कोकिलाक्ष

मधुर, तिक्त

शीत

मधुर

स्निग्ध, पिश्चिल

वातरक्त, वातव्याधि आमवात,प्रवाहिका,रक्तपित्तप्रशमन

4

प्रवाळपिष्टि

मधुर

शीत

मधुर

लघु

दिपन,पाचन, क्षय,कास,रात्रीस्वेदहर, विषघ्न, स्वेदातिनिर्गमहर, वर्ण्य, वृ

5

मण्डुर भस्म

कषाय

शीत

कटु

शीत

अंगमर्दनकेसरी,शोथघ्न, शूलघ्न, रक्तवर्धक, अग्निदिपक, वृष्य

6

डिंक

कषाय, मधुर

शीत

मधुर

ग्राहि

रक्तातिसारहर, रक्तपित्तप्रशमन मेदोहर, प्रदरनाशक, भग्नसंधानक

 

Uricgon

रस: कषाय, मधुर

वीर्य: शीत

विपाक: मधुर

गुण: पिश्चिल, स्निग्ध

पांचभौतिकत्व: पृथ्वी+आकाश +जल

दोषधातूमलात्मक

दोष:वात, पित्त

मल: पुरिष ग्राहि

धातू

रसः रसशोधन ( द्रव्य विशेषात्)

रक्त: रक्तप्रसादन (कषाय, मधुर रसात्)

मज्जा: बल्य (शीत वीर्य, मधुर विपाकात्)

शुक्र: शुक्रवर्धक (मधुर रस विपाकात्)

दोषघ्नता: Gout ,Uric accumulation

संप्राप्ति

वातप्रकोप हेतू

(पाय लोंबकळत प्रवास)

वातप्रकोप  

रक्तप्रकोपक हेतू

 

                  ⇒

रक्तदुष्टि

सर्व शरीरात संचार

अंगुष्ठमूलाचे ठिकाणी स्थानसंश्रय

(व्याधिप्रभाव)

वातरक्त

संप्राप्तिभंग

 

URICGON

वातपित्तहर द्रव्य

रक्तप्रसादक द्रव्य

दोषसाम्य

उपशय

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