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Raktprasadan

Raktprasadan

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Raktprasadan tablet

 

द्रव्य

रस

वीर्य

विपाक

गुण

कर्म

1

निम्ब

तिक्त, कषाय

शीत

कटु

लघु

रोचन,ग्राहि,शोथघ्न,यकृतोत्तेजक, कृमिघ्न, कुष्ठघ्न

2

वासा

तिक्त, कषाय

शीत

कटु

लघु,रूक्ष

रक्तपित्तहर, ह्रद्य, रक्तस्तंभन, रक्तशोधन, कुष्ठघ्न, स्वेदल

3

सारीवा

मधुर, तिक्त

शीत

मधुर

गुरू,स्निग्ध

रक्तशुद्धिकर, शोथहर,दिपन,पाचन, अनुलोमन, कुष्ठघ्न, दाहप्रशमन

4

गुडूचि

तिक्त,कषाय

उष्ण

मधुर

लघु,स्निग्ध

कुष्ठघ्न, वेदनास्थापन, रक्तशोधक, रक्तवर्धक, वातरक्तहर, वृष्य

5

शतावरी

मधुर, तिक्त

शीत

मधुर

गुरू,स्निग्ध

रक्तपित्तप्रशमन, ह्रद्य, मेध्य, गर्भस्रावहर,रक्तप्रदरनाशक, वाजीकर

6

उशीर

तिक्त, कषाय

शीत

कटु

लघु,रूक्ष

रक्तप्रसादन, रक्तस्तंभन, दौर्गंध्यहर, कुष्ठघ्न, दाहशमन

 

द्रव्यगुणात्मक

रस: तिक्त, कषाय

वीर्य: शीत

विपाक: कटु

गुण: लघु

पांचभौतिकत्व: वायु+आकाश

दोषधातूमलात्मक

दोष: कफ पित्त

मल: पुरिष ग्राहि

धातू:

रस: शोधन ( तिक्त रसात्)

रक्त: प्रसादन, स्तंभन ( तिक्त कषाय रसात्)

मेद: मेदोहर ( रूक्षत्वात्)

रोगघ्नता: कुष्ठ, त्वचाविकार,रक्तपित्त

संप्राप्ति

 

हेतूसेवन

स्निग्ध , अतिउष्ण,अतिद्रव गुणाने पित्तदुष्टि

रक्तप्रदोषज व्याधी

संप्राप्तिभंग

 

रक्तप्रसादन वटी

रक्तपित्तप्रशमन द्रव्य

शीत द्रव्य

तिक्त, मधुर द्रव्य

उपशय

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